Pet Me Jalan Ki Ayurvedic Dawa in Hindi: पेट और सीने में जलन हो रही है तो अपनाएं ये 9 आयुर्वेदिक दवा

पेट और सीने में जलन की सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा

Pet Me Jalan Ki Ayurvedic Dawa की तलाश करना और इसका बार-बार सामना करना एक आम बात हैं। जब पेट का एसीड वापस ऐसोफैगस की तरफ बढता हैं तो आपको खट्टी डकार, सिने में जलन, मतली, उल्टी, मुहं में गंदा पाणी आणा जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। वैसे देखा जाये तो भोजन को पचाने के लिए एसीड की जरुरत होती हैं लेकिन जब इसकी मात्रा बढ जाती हैं तो यह खाने के साथ आंतो में जाने की बजाय उपर की तरह बढने लगता हैं। इसी कारण पेट में जलन होने लगती हैं, और आपको इस समस्या को और ना झेलना पडे इस बात को देखते हुए आज हमने आपके लिए इस पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा ब्लॉग पोस्ट को लिखा हैं।

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पेट और सीने में जलन के लिए सबसे अच्छा दवा कौन सा है?


1. पेट में जलन के लिए किशमिश के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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रात को सोते समय 10Gram किशमिश पाणी में भिगोकर रख दे और फिर सुबह उठकर इसका सेवन करे, इससे आपको आराम मिलेगा।

2. पेट में जलन के लिए बादाम के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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5 बदाम को कम से कम 4घंटे के लिए पाणी में भिगो ले और इसके छिलके निकाल ले अब इसका पेस्ट बना ले और 200ML दूध में इस्को मिलाये। 1 चम्मच चिनी मिठास के लिए इसमे डाले और इसका सेवन दिन में 2 बार करे।

3. पेट में जलन के लिए बंदगोभी के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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बंदगोभी हायपर एसिडिटी और सिने की जलन को दूर करने की एक घरेलू औषधी हैं। 100Gram बंदगोभी को छोटे छोटे टुकडो में काटकर 250ML पाणी में उबाल ले, अब इसे तब तक उबाले जब तक ये 100ML न रह जाये। अब इसको ठंडा कर ले और इसका सेवन आधा सुबह के समय और बाकी बचा हुआ शाम के समय करें।

4. पेट में जलन के लिए सब्जियों का रस के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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सब्जियों का रस पेट में बिगडे हुए पित्त को संतुलित करता हैं ब शर्ते खट्टी सब्जीयो में शामिल न हो। 250ML सब्जीयो का रस जिसमे बंदगोभी, गाजर, चुकणंदर, और खीरा हो। इसका सेवन दिन में 2 बार करे।

5. पेट में जलन के लिए गुड के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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रोजाना सुबह और शाम खाना खाने के बाद 100Gram गुड खाये। एसिडिटी के लिए यह 1 मिनटं का उपचार हैं लेकिन एसिडिटी के इलाज के लिए गुड बहुत असरदार होता हैं।

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6. पेट में जलन के लिए आंवला पाउडर के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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आवला पाउडर या आवला पेट में बढे हुए पित्त को शांत करने की एक बेहतरीन घरेलू औषधी हैं। 3 से 5Gram की मात्रा में इसका सेवन दिन में 2 बार करे।

7. पेट में जलन के लिए खीरा और तरबूज के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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खीरा और तरबूज से भी एसिडिटी का उपचार बडी आसानी से किया जा सकता हैं। खीरा और टरबूज में 80% से ज्यादा पाणी पाया जाता हैं, जो शरीर में पाणी की कमी को तुरंत दूर करता हैं और पेट की समस्याओ से राहत दिलाता हैं।

8. पेट में जलन के लिए नारियल के फायदे

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नारियल पित्त को प्रभावी रुप से शांत करता हैं। नारियल पाणी पिना बहुत मददगार होता हैं, हाईपर एसिडिटी को दूर करने के लिए नारियल के अंदरुनी सफेद हिस्से का पेस्ट खाना फायदेमंद रहता हैं। इसके 30Gram पेस्ट का सेवन दिन में 2 से 3 बार करें। नारियल का 250ML दूध का सेवन दिन में 2 बार करने से हाईपर एसिडिटी से छुटकारा मिलता हैं।

9. पेट में जलन के लिए अनानास के फायदे

पेट में जलन की आयुर्वेदिक दवा
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जब भी आपको एसिडिटी महसूस होने लगे तो एक ग्लास पाइनएपल जूस का सेवन करे। एसिडिटी का यह आसान घरेलू नुस्खा आपको पेट में जलन से तुरंत राहत दिलायेगा और भोजन को पचाने में भी मदद करेगा।

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